He was young, simple, innocent and extra-ordinary human being, Now He is not with us. Rememberance and in the memory of Monu(My Friend's nephew), 23 Years old met an accident at Mejaroad(Allahabad) flyover came down around 25 feet and passed away..
Remembering and Trying to console myself by writing few lines...
प्राण पखेरू उड़ गए ।
मोती से स्वप्न बिखर गए ।
अब कोई उद्देश्य नहीं
जीवन में कुछ शेष नहीं । ।
वह ही सबसे प्यारा था ।
सबकी आँखों का तारा था ।
सच्चा सुन्दर साधारण था ।
हम सब का दुलारा था ।
अब कोई उद्देश्य नहीं
जीवन में कुछ शेष नहीं । ।
कल मैं उससे मिलता था
अब न उससे मिलना है
न अब कुछ कहना है
न ही कुछ अब सुनना है ।
अब कोई उद्देश्य नहीं
जीवन में कुछ शेष नहीं । ।
जो देखे थे कल के सपने
वो सब चकनाचूर हुए
वो जीवन से दूर हुए
हम सब बस मजबूर हुए ।
अब कोई उद्देश्य नहीं
जीवन में कुछ शेष नहीं । ।
हमसे तो इसकी पीड़ा न पूछो
है साहस तो मातृ पितृ से पूछो
अब जीवन का क्या मोल रहेगा
बस मर मर के जीने का प्रयास रहेगा ।
अब कोई उद्देश्य नहीं
जीवन में कुछ शेष नहीं । ।
स्वप्नों में भूले बिसरे आजाए
बस इसकी ही आशा है
कहाँ जाऊं किससे बोलूं और क्या पूछूं
अब हर ओर पड़ी निराशा है ।
अब कोई उद्देश्य नहीं
जीवन में कुछ शेष नहीं । ।
Courtesy: हसनैन
Remembering and Trying to console myself by writing few lines...
प्राण पखेरू उड़ गए ।
मोती से स्वप्न बिखर गए ।
अब कोई उद्देश्य नहीं
जीवन में कुछ शेष नहीं । ।
वह ही सबसे प्यारा था ।
सबकी आँखों का तारा था ।
सच्चा सुन्दर साधारण था ।
हम सब का दुलारा था ।
अब कोई उद्देश्य नहीं
जीवन में कुछ शेष नहीं । ।
कल मैं उससे मिलता था
अब न उससे मिलना है
न अब कुछ कहना है
न ही कुछ अब सुनना है ।
अब कोई उद्देश्य नहीं
जीवन में कुछ शेष नहीं । ।
जो देखे थे कल के सपने
वो सब चकनाचूर हुए
वो जीवन से दूर हुए
हम सब बस मजबूर हुए ।
अब कोई उद्देश्य नहीं
जीवन में कुछ शेष नहीं । ।
हमसे तो इसकी पीड़ा न पूछो
है साहस तो मातृ पितृ से पूछो
अब जीवन का क्या मोल रहेगा
बस मर मर के जीने का प्रयास रहेगा ।
अब कोई उद्देश्य नहीं
जीवन में कुछ शेष नहीं । ।
स्वप्नों में भूले बिसरे आजाए
बस इसकी ही आशा है
कहाँ जाऊं किससे बोलूं और क्या पूछूं
अब हर ओर पड़ी निराशा है ।
अब कोई उद्देश्य नहीं
जीवन में कुछ शेष नहीं । ।
Courtesy: हसनैन