मंगलवार, 13 मई 2014

http://www.ndtv.com/elections/article/election-2014/why-are-terrorists-from-one-community-bjp-leader-giriraj-singh-in-new-controversy-523953?pfrom=home-lateststories
विविधतावों से परिपूर्ण भारतवर्ष में किसी बड़ी पार्टी के नेता को इस तरह के व्यक्तव्य से बचना चाहिये । जिसे लोग इस देश के नेतृत्व के जिम्मेदारी सौपने के लिये आतुर हों । किसी एक कम्मुनिटी को बोलने से पहले हमें अपने आंतरिक नक्सलियों की गतिविधियों पर सोचना चाहिए । बात हिन्दू या मुसलमान की नहीं बल्कि उनके सोच, इंसानियत और परिवेश की है । नफरत फ़ैलाने वाले और इंसानियत के दुश्मन को किसी भी धर्म विशेष से जोड़ना किसी धर्म का अपमान करना मात्र है ।

इसके बल पर यदि कोई लोकप्रियता बटोरने की मंशा यदि रखता है तो वह भारतवर्ष के राजनैतिक पटल पर अपने अन्त क़ी शुरुआत कर चुका है ।  क्यूंकि राजनितिक कूटनीति को 21 वि. सदी का हिन्दु , मुस्लमान या अन्य कोई व्यक्ति भली भांति जान गया है । आज हर कोई अपने पेट के साथ साथ अपने हृयदय में प्रेम और सौहार्द को संजोने का भूखा है । ना कि नफरत और इस तरह के व्यक्तव्य का जो हर ओर द्वेष एवं नफरत फैला रहा हो

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