गुरुवार, 20 जुलाई 2017

ज़िम्मेदार नागरिक बनें

"वोट" दिया बहुत बढ़िया ।
 
किंतु उसके बाद एक और चीज़ होती है, वो है "चोट" ।

यदि सत्ताधरियों को यह ना मिले तो उनमें एक अलग तरह की "खोट " व्याप्त हो जाती है ।
 
यह काम केवल किन्ही चन्द civil society मात्र का काम नहीं बल्कि हर ज़िम्मेदार नागरिक का है ।
 
अतः अपनी ज़िम्मेदारी समझें वोट देकर सत्ताधरियों को अखरोट ना खाने दें ।
 
अपनी पढ़ाई, कमाई और दवाई के लिए अपने सामर्थ्य के साथ साथ सरकारों के सामर्थ्य की भी ख़ून जाँच करवाते रहें ।
हसनैन ।

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