आज मोदी का जो चेहरा सामने आया है जिसका पूरा श्रेय कांग्रेस की नाकामियों और केजरीवाल को जाता है और कुछ नहीं है जो मोदी की लोकप्रियता को बढ़ा रहा है । इतने लोकप्रिय है मोदी जी तो रामपुर, मुरादाबाद या किसी अन्य अल्पसंख्यक होने के नाते अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्र से चुनाव लड़ें । अपने भाषण से उनको लुभा लें । क्यूंकि वो तो विकास पुरुष है अपना जादू चलायें ।
हर राजनेता केवल जाति की दकियानूसी के आधार पर चुनाव लड़ रहा है जिसकी बुनियाद ही इन मुद्दों पे टिकी हो तो आप किस तरक्की की बात कर रहे है । हम सब स्वयं को चुनावी ज़ुबानी जंग और इस इलेक्शन के माहौल में अपने आप को ज़िम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार कर रहे हैं । बाकी कुछ और नहीं है मै इस बात से आपको आश्वश्त करता हूँ कि हम चुनाव के बाद इस शिद्दत से इस बहस में अपनी भूमिका नहीं निभाने वाले हैं ।
ये हमारे विचारों में द्वेष का इंजेक्शन भर रहे हैं जो आज हम एक दूसरे से अपनी भावना को व्यक्त कर रहे है । न मैं मोदी को समर्थन देने को तैयार हूँ आप कितनी ही दलीलें क्यों न पेश करें ।
आज हमारे वातावरण में ये काले बादल इन राजनितिक पार्टियों की वजह से छाये हुए हैं ये इन्हे छाँटने वाले नहीं अगर ये छँट गए तो हमें खुला आसमान जो मिल जायेगा ।
भाई शरीफ इंसान को आज के इस चुनावी जंग में जीतते हुए देखा है क्या ?
भाई ज़रा सोचिये ?
सोचिये:-
1) कहाँ से इन पार्टियों को इतने सारे पैसे मिल रहे है?
2) ये लोग 5000 करोड़ रुपये खर्च इस लिए कर रहे है की बदले में "जनता की सेवा" करेंगे या अपने खर्च का 4-5 गुना पैसा देश से लूटेंगे?
3) क्या ये कभी जनता की तरफ वफादार होंगे या उन मालिकों की तरफ जो इन्हें इतना सारा पैसा चुनाव लड़ने के लिए दे रहे है?
4) ये सारा पैसा ये कैसे कमाएंगे वापस? - हमारी और आप की जेब महंगाई से लूट कर और भ्रस्टाचार कर के.
5) क्यों नहीं बताते ये लोग की इन्हें इतना सारा पैसा कौन दे रहा है?
6) आप कितने mp को सरकार से बेदखल करोगे अगर सरकार बनती है ?
वाकई में ये सोचने की बात है बटन दबाने से पहले, जागो जनता जागो । ।
हर राजनेता केवल जाति की दकियानूसी के आधार पर चुनाव लड़ रहा है जिसकी बुनियाद ही इन मुद्दों पे टिकी हो तो आप किस तरक्की की बात कर रहे है । हम सब स्वयं को चुनावी ज़ुबानी जंग और इस इलेक्शन के माहौल में अपने आप को ज़िम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार कर रहे हैं । बाकी कुछ और नहीं है मै इस बात से आपको आश्वश्त करता हूँ कि हम चुनाव के बाद इस शिद्दत से इस बहस में अपनी भूमिका नहीं निभाने वाले हैं ।
ये हमारे विचारों में द्वेष का इंजेक्शन भर रहे हैं जो आज हम एक दूसरे से अपनी भावना को व्यक्त कर रहे है । न मैं मोदी को समर्थन देने को तैयार हूँ आप कितनी ही दलीलें क्यों न पेश करें ।
आज हमारे वातावरण में ये काले बादल इन राजनितिक पार्टियों की वजह से छाये हुए हैं ये इन्हे छाँटने वाले नहीं अगर ये छँट गए तो हमें खुला आसमान जो मिल जायेगा ।
भाई शरीफ इंसान को आज के इस चुनावी जंग में जीतते हुए देखा है क्या ?
भाई ज़रा सोचिये ?
सोचिये:-
1) कहाँ से इन पार्टियों को इतने सारे पैसे मिल रहे है?
2) ये लोग 5000 करोड़ रुपये खर्च इस लिए कर रहे है की बदले में "जनता की सेवा" करेंगे या अपने खर्च का 4-5 गुना पैसा देश से लूटेंगे?
3) क्या ये कभी जनता की तरफ वफादार होंगे या उन मालिकों की तरफ जो इन्हें इतना सारा पैसा चुनाव लड़ने के लिए दे रहे है?
4) ये सारा पैसा ये कैसे कमाएंगे वापस? - हमारी और आप की जेब महंगाई से लूट कर और भ्रस्टाचार कर के.
5) क्यों नहीं बताते ये लोग की इन्हें इतना सारा पैसा कौन दे रहा है?
6) आप कितने mp को सरकार से बेदखल करोगे अगर सरकार बनती है ?
वाकई में ये सोचने की बात है बटन दबाने से पहले, जागो जनता जागो । ।
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